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दुनिया के सात अजूबे के नाम फोटो सहित। 7 Wonders of The World

विश्व के सात अजूबे प्राचीन काल से ही चुने जा रहे है। लेकिन प्राचीन काल में चुने गए अजूबे अब नष्ट हो चुके है। वर्तमान के Duniya ke 7 Ajoobe चुनने के लिए एक विशेष प्रक्रिया का सहारा लिया गया था।

जिसमे स्विट्ज़रलैंड में फाउंडेशन बनाया गया और फिर इस फाउंडेशन के लिए एक वेबसाइट बनाई गई। जिसके सहारे 100 Million से भी ज्यादा लोगो ने अपने फ़ोन से इसके लिए Vote किया। और फिर साल 2007 में इसका रिजल्ट आया।

आप समझ सकते है की दुनिया के इन सात अजूबो को चुनने में वोटिंग के जरिये लोगो का सहारा लिया गया। या फिर आप ऐसे भी मान सकते है। की इन्हे विश्व के लोगो द्वारा वोटिंग के जरिये चुना गया।

           

दुनिया के सात अजूबे। 7 Wonders of the World 

1. चीन की दीवार (Great Wall Of China)

            
चीन की दिवार विश्व की सबसे बड़ी दीवार है। जिसकी लम्बाई लगभग 6400 किलोमीटर है। यह मिट्टी, ईंटो और पत्थरों से बनी किले नुमा दिवार है। इसे चीन के कई शासकों और राजाओं द्वारा उत्तरी हमलावरों से बचने के लिए बनाया गया था।

माना जाता है की इसे 5 वीं शताब्दी से लेकर 16 शताब्दी तक बनवाया गया। यह दीवार इतनी बढ़ी है की अंतरिक्ष से दिखाई देती है। कहा जाता है की इस दीवार के बिच में खाली जगह है। और इसे मिला दिया जाये तो इसकी लम्बाई 8848 किलोमीटर हो जाएगी।

इस दीवार को बनाने में लग-भग 20-30 लाख लोगो ने अपना पूरा जीवन लगा दिया था। और कहा जाता है की कढ़ी मेहनत नहीं करने वाले मजदूरों को भी इसमें दफनादिया जाता था। इसलिए इसे दुनिया का सबसे बड़ा कब्रिस्तान भी कहा जाता है। 

इस दीवार की सबसे ज्यादा ऊंचाई करीब 35 फुट है, और हर जगह अलग-अलग है। और चौड़ाई की बात करे तो 5 गुड़ सवार या फिर 10 पैदल चलते व्यक्ति एक साथ निकल सकते है। इसे देखने के लिए 1 साल में पूरी दुनिया से लगभग 1 करोड़ लोग आते है। 

2. मसीह उद्धारक (Christ the Redeemer Statue)

        
यह ब्राजील के रियो डी जेनेरो में पहाड़ के ऊपर 130 फ़ूट ऊंची ईसा मसीह की प्रतिमा है। यह मूर्ति तिजूका फारेस्ट नेशनल पार्क में कोर्कोवाड़ो पर्वत की चोटी पर स्थित है। यह दुनिया की सबसे ऊँची प्रतिमाओं में से एक है। इस प्रतिमा को कंक्रीट और सोपस्टोन से बनाया गया है। इसका निर्माण 1922 से 1931 के बिच किया गया था।

इसकी चौड़ाई की बात करे तो 98 फ़ीट और इसका वजन 635 टन है। इस मूर्ति को बनाने में 250000 डॉलर खर्च हुए थे। इस मूर्ति को Paul Landowski (पॉल लैंडोव्स्की) ने डिज़ाइन किया और ब्राज़ीलियन इंजीनियर Heitor Da Silva Costa (हेइटर दा सिल्वा कोस्टा) ने करवाया था।

इस मूर्ति पर पक्षि ना बैठे इसके लिए इसके ऊपर छोटी-छोटी किले लगाई गई है। इस मूर्ति को रात में अच्छा लगे इसके लिए लाइटों से डेकोरेट किया गया है।

3. पेट्रा (Petra)

         
पेट्रा प्राचीन काल में निर्मित जॉर्डन (Jordan) में बसा एक ऐतिहासिक नगर है। पेट्रा का नाम एक यूनानी शब्द पेट्रोस से पड़ा जिसका मतलब चट्टानों से होता है। जिसकी स्थापना 312 ईसा पूर्व की गई थी। यह बड़ी-बड़ी इमारतों और चट्टानों में तराशे जाने के कारण प्रसिद्ध है।

यहाँ की चट्टानें लाल रंग की होती है इसलिए इसे रोज सिटी (Rose City) के नाम से भी जाना जाता है। पेट्रा जॉर्डन का सबसे लोकप्रिय पर्यटक स्थल माना जाता है। इसको विश्व विरासत स्थलों की सूचि में यूनेस्को द्वारा शामिल किया गया। यह एक बहुत ही बड़ा ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थल है। 

4. ताजमहल (Taj Mahal)

            
ताजमहल भारत के उत्तर प्रदेश के आगरा शहर में स्थित है। इसका निर्माण मुग़ल बादशाह शाहजहाँ ने अपनी पत्नी मुमताज़ महल की याद में बनवाया था। जिसकी मृत्यु 1631 में बच्चे को जन्म देते वक्त हुई थी।इसका निर्माण सन 1632-1653 के बिच हुआ था। इसे बनने में लगभग 21 वर्षो का समय लगा था। इसे बनाने के लिए शाहजहाँ ने पूरी दुनिया से सफ़ेद संगमरमर मंगवाया था।

ताजमहल के संगमरमर पर सूर्य की रोशनी पढ़ने से यह दिन के समय में कई अलग-अलग रंगो का दिखाई पढता है। इसके आस-पास और भी कई सारी इमारते और बाग़ बने हुए है जो इसकी शोभा बढ़ाते है।

ताजमहल की ऊँचाई की बात करे तो 73 मीटर है। ये 17 हेक्टेयर के क्षेत्रफल में फैला हुआ है। और इसे बनाने के लिए 20,000 से भी ज्यादा मजदूरों ने काम किया था। और कहा जाता है की ताजमहल बनने के बाद शाहजहाँ ने मजदूरों के हाथ कटवा दिये थे। जिससे मजदुर ऐसी ईमारत कहीं और नहीं बना सके।

5. चीचेन इट्ज़ा (Chichen Itza)

      
चीचेन इट्ज़ा युकाटन, मैक्सिको में स्थित है। यह अपने विश्व प्रसिद्ध पिरामिडीय आकृति के मयान मंदिर और यहाँ से निकलने वाली अजीब आवाजों के कारण प्रसिद्ध है। और यहाँ के हर एक मंदिर में 365 सीढ़िया है। माना जाता है की इसे कोलम्बियाई माया सभ्यता ने नोहवी और बारहवीं शताब्दी के बिच बनाया। और यहाँ हर वर्ष 1.2 मिलियन से भी ज्यादा पर्यटक आते है।

चीचेन इट्ज़ा को 1200 वर्ष पहले बसाया गया है। जो बहुत ही बड़े क्षेत्र लगभग 4 वर्ग मिल में फैला हुआ है। इसीलिए यह दुनिया के सात अजूबो में से एक है।

6. माचू पिच्चु (Machu Picchu)

     
माचू पिच्चू दक्षिण अमेरिका के पेरू में स्थित है। इसकी ऊंचाई समुन्द्र तल से 2430 मीटर (7970 फ़िट) है। यह एक इंका सभ्यता से संबधित प्राचीन स्थल है। इसका निर्माण 1438-1472 में किया गया। इसे “लॉस्ट सिटी ऑफ़ द इन्का” के नाम से भी जाना जाता है।

सन 2007 में इसे दुनिया के सात अजूबे (7 Wonders of the World in Hindi) में शामिल किया गया।इसका वर्तमान रूप 1912 ने दिया गया था। इस जगह पर पर्यटकों के लिए पुरानी इमारतों की मरम्मत करवाकर 30% तक पुनः निर्मित किया गया है।

इस स्थान की सबसे प्रसिद्ध जगह इन्का ट्रेल ट्रेक है। क्योंकि इस ट्रैक से पर्वत की चोटियों पर सूर्योदय का नजारा बहुत ही मन मोहक दिखाई देता है। इस ट्रैक के संकरा होने के कारण इस पर एक बार में 500 से ज्यादा पर्यटक नहीं जा सकते है।

7. कोलोज़ीयम (The Roman Colosseum)

       
The Roman Colosseum इटली के रोम नगर शहर में स्थित है। जो रोमन साम्राज्य का सबसे बड़ा अखाड़ा है। इस स्टेडियम को कंक्रीट और रेत से बनवाया गया है। जिसमें लगभग 5000 लोग एक साथ बैठ सकते है।

इसका निर्माण कार्य सम्राट टाइटस द्वारा 80वीं शताब्दी में पूरा करवाया गया। माना जाता है की यहाँ केवल मनोरंजन के लिए योद्धाओं द्वारा पशुओं के साथ लड़ाइयाँ लड़ी जाती थी। जिसमे 10 लाख से भी ज्यादा मनुष्यो और 5 लाख से ज्यादा पशुओ की मृत्यु हो गई थी।

विश्व के इस दार्शनिक और ऐतिहासिक स्थल को विश्व विरासत स्थलों की सूचि में शामिल यूनेस्को द्वारा किया गया। और यहाँ पर हर गुड फ्राइडे को जुलुस निकाले जाते है।

इस अखाड़े में कुश्ती देखने के लिए सबसे बड़ी सीट सम्राट की थी। यह दुनिया के सबसे अच्छे दार्शनिक स्थलों में से एक है। यहाँ हर वर्ष 4 मिलियन से भी ज्यादा पर्यटक घूमने के लिए आते है। 

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